Anand Kumar
स्टॉक मार्केट इंडेक्स (सूचकांक) का मक़सद क्या है? जब मैं न्यूज़ और सोशल मीडिया को देखता हूं, तो इसमें कोई शक़ ही नहीं लगता कि इंडेक्स का एकमात्र उद्देश्य आंकड़े दिखाना है कि आज बाज़ार कैसा रहा या कल बाज़ार ने कैसा किया. हां, इसमें व्यापक 'विश्लेषण' भी शामिल होता है जिसमें सुराग ढूंढे जाते हैं कि बाज़ार क्यों बढ़े या क्यों गिरे. अगर इंडेक्स का काम महज़ यहीं तक सीमित होता, तो असल में ये किसी काम का ही नहीं होता.
आप, यानी निवेशक, असल में किसी इंडेक्स का इस्तेमाल किस लिए कर सकते हैं? ये समझना महत्वपूर्ण है कि शेयर बाज़ार इंडेक्स, बाज़ार के प्रदर्शन का दिन भर की संख्यात्मक तस्वीर देने के अलावा और भी बहुत कुछ करते हैं. मुझे लगता है कि हर शेयर निवेशक जानता है, शेयर मार्केट इंडेक्स पूरे बाज़ार के लिए एक रिपोर्ट कार्ड की तरह हैं. वे दिखाते हैं कि बाज़ार कैसा प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन ये नहीं दिखाते कि हर स्टॉक क्या क्या हाल है. अगर आप केवल इंडेक्स देख रहे हैं, तो आप निवेश के अच्छे मौक़ों से ही चूक जाएंगे. मिसाल के तौर पर, इंडेक्स ऊपर जा सकता है, लेकिन कुछ स्टॉक नीचे जा सकते हैं. अगर आप केवल इंडेक्स देख रहे हैं, तो हो सकता है कि आपका ध्यान इस बात पर जाए ही न. यहां तक तो फिर भी ठीक है, लेकिन असल सवाल तो ये है कि हम इंडेक्स का इस्तेमाल और किस चीज़ के लिए कर सकते हैं?
इंडेक्स के बारे में एक बड़ी बात है, जिसे हममें से ज़्यादातर लोग नज़रअंदाज कर देते हैं, कि ये वर्तमान को अतीत से जोड़ने वाले पुल के तौर पर काम करते हैं. ये ऐतिहासिक रिकॉर्ड हैं, जो समय के साथ अर्थव्यवस्था, व्यापार और बाज़ार के उतार-चढ़ाव दिखाते हैं. इन इंडेक्स की मौजूदा स्थिति की तुलना उनके ऐतिहासिक स्तरों से करने के साथ, वर्तमान पैटर्न की ऐतिहासिक स्तरों से तुलना करने पर, ये न केवल समझने के लिए एक शक्तिशाली टूल है कि बाज़ार आज कहां खड़ा है, बल्कि ये भी बताता है कि बाज़ार यहां तक कैसे पहुंचा और आगे क्या हो सकता है.
ये ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य कई कारणों से महत्वपूर्ण है. पहला, ये बाज़ारों की अक्सर ऊपर-नीचे होने वाली प्रकृति को उजागर करता है, इसे समझने से ये भरोसा मिलता है कि बाज़ार में सायकल्स (चक्र) चलते रहते हैं. ये देखना कि पिछली गिरावट के बाद इंडेक्स में किस तरह से सुधार हुआ है, लचीलापन और लॉन्ग-टर्म नज़रिया दे सकता है, जिससे निवेशकों को शॉर्ट-टर्म मार्केट के उतार-चढ़ाव से परे देखने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है. जब मेरी रिसर्च टीम, बाज़ार की किसी गिरावट को लेकर घबराती है, तो मैं उन्हें 2007 या 2001 या 1993 में मैंने जो कुछ देखा और महसूस किया, उसके कुछ अनुभव सुनाता हूं, और वो आश्वस्त हो जाते हैं. सोशल मीडिया पर किसी दुर्घटना की अतिशयोक्ति सुनने के बजाय, ये पूरी बात को 'वहां था, वह कर चुका' वाली हवा देता है जो ढांढस बंधाती है.
दो तरीक़ों से, ये ऐतिहासिक लेंस हमें उस पैटर्न की पहचान में मदद करता है जो भविष्य में बाज़ार की हलचल के बारे में बता सकते हैं. हालांकि इतिहास ख़ुद को ठीक वैसे का वैसा नहीं दोहराता, पर काफ़ी हद तक एत जैसा रहता है, यानी कुछ घटनाओं के लिए पिछले बाज़ार की प्रतिक्रियाओं को समझने से हमें भविष्य की वैसी ही स्थितियों में संभावित नतीजों की अपेक्षा करने में मदद मिल सकती है. ख़ासतौर पर, ये अनिश्चितता के समय में बड़े काम का हो सकता है, जहां ऐतिहासिक संदर्भ ये संकेत दे सकता है कि बाज़ार कैसे आगे बढ़ सकते हैं.
अंत में, ये ऐतिहासिक विश्लेषण निवेश के लिए ज़्यादा अनुशासित नज़रिए को बढ़ावा देता है. वो निवेशक जो बाज़ारों की साइक्लिक (चक्रीय) प्रकृति और लंबे समय के रुझानों के असर को समझते हैं, वो शॉर्ट-टर्म के उतार-चढ़ावों पर भावनाओं में बह कर प्रतिक्रिया करने के बजाय रणनीतिक और लंबे समय का नज़रिया अपनाने की ज़्यादा संभावना रखते हैं. इतिहास को देखकर, हम एक तरह से, अपने ही अनुभवों से सीखने का इंतज़ार करने के बजाय दूसरों के अनुभवों से सीख सकते हैं.
ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य के अलावा, इंडेक्स की सबसे बड़ी उपयोगिता एक बेंचमार्क के रूप में काम करना है. ये एक ऐसा शब्द है जिसे म्यूचुअल फ़ंड निवेशक जानते होंगे, लेकिन ये उतना ही काम का है जब किसी निवेशक द्वारा व्यक्तिगत रूप से इस्तेमाल किया जाता है. जब बाज़ार अच्छा प्रदर्शन कर रहा हो, तो अपनी निवेश क्षमता के बारे में अच्छा महसूस करना आसान है, लेकिन निवेश का वास्तविक माप बाज़ार से बेहतर प्रदर्शन करना है. और ये बात केवल इंडेक्स ही आपको बता सकते हैं. ये किसी एक स्टॉक के साथ-साथ हमारे पूरे पोर्टफ़ोलियो के लिए काम करता है.
चाहे आप ये तय करने की कोशिश कर रहे हों कि किसी एसेट (परिसंपत्ति) को रखना है या बेचना है, अपने पोर्टफ़ोलियो को री-बैलेंस करना है, या ये पता लगाना है कि आपकी निवेश रणनीति काम कर रही है या नहीं, बेंचमार्क आपको संदर्भ का एक फ़्रेम देते हैं. अपने निवेश की तुलना बेंचमार्क से करना आपके निवेश के फ़ैसलों की बाहरी जांच करने जैसा है, जो ख़ुद को मूर्ख बनाने की तुलना में कहीं ज़्यादा मुश्किल है.
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