SEBI ने 1 अप्रैल से फ़ंड हाउसेज के विदेशी ETF में निवेश पर रोक लगा दी है. ऐसे में हम अपने अंतर्राष्ट्रीय निवेश को कैसे जारी रख सकते हैं?
1 अप्रैल 2024 से विदेशी ETF में निवेश करने वाले म्यूचुअल फ़ंड पर नया निवेश को स्वीकार करने पर रोक लगा दी गई है. इसकी वजह इस इंडस्ट्री की 1 बिलियन डॉलर की लिमिट खत्म होना है.
थोड़ी सी गुंजाइश को देखते हुए, इंटरनेशनल निवेश सिक्योरिटीज़ से जुड़ी कुछ स्कीमें (ETF को छोड़कर) अभी भी पैसा स्वीकार कर रही हैं.
अब जब ज़्यादातर लोग म्यूचुअल फ़ंड के ज़रिए विदेश में निवेश नहीं कर सकते हैं तो आपके सामने तीन विकल्प हैं: अलगी स्लाइड में उन पर गौर करें.
अपने अंतर्राष्ट्रीय निवेश को तब तक रोके रहें जब तक कि म्यूचुअल फ़ंड फिर से नए निवेश को स्वीकार करना शुरू न कर दें.
ऐसे घरेलू फ़ंड की तलाश करें जो अभी भी विदेश में निवेश करते हों. इन्हें खोजना मुश्किल हो सकता है क्योंकि इनकी लिमिट भी कुछ दिनों में ख़त्म हो सकती है.
आप इंटरएक्टिव ब्रोकर्स या इंडिया INX जैसे ब्रोकरेज प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए सीधे विदेशी ETF में निवेश कर सकते हैं. हालांकि, ये विकल्प म्यूचुअल फ़ंड की तुलना में थोड़ा पेचीदा हो सकता है.
ये लेख/ म्यूचुअल फ़ंड से जुड़ी जानकारी देने के लिए है. इसे निवेश की सलाह न समझें.