बैंक फ़िक्स्ड डिपॉज़िट के नुक़सान?

FD कम रिस्क वालों की पसंद है

Fixed Deposits पीढ़ियों से कम रिस्क चाहने वाले निवेशकों की पहली पसंद रहे हैं. हालांकि, इसके नुक़सान भी हैं. हम यहां इसकी 4 कमियां बता रहे हैं.

1. इंटरेस्ट इनकम पर टैक्‍स

FD का ब्याज़ तय सीमा से ज़्यादा होने पर बैंक 10% TDS काटते हैं. सीनियर सिटीज़न के लिए ये लिमिट ₹50 हजार और 60 साल से कम उम्र के लिए ₹40,000 है.

2. इंटरेस्ट पर TDS

FD का ब्याज़ तय सीमा से ज़्यादा होने पर बैंक 10% TDS काटते हैं. सीनियर सिटीज़न के लिए ये लिमिट ₹50 हजार और 60 साल से कम उम्र के लिए ₹40,000 है.

3. समय से पहले पैसे निकालने पर पेनल्टी

मेच्योरिटी पर FD का पैसा 1-2 दिन में मिल जाता है, लेकिन अगर FD की मैच्‍योरिटी से पहले पैसे निकाले जाएं तो पेनल्टी देनी होती है.

4. Fixed Deposit vs Debt Fund रिटर्न

FD के मुक़ाबले, डेट फ़ंड में ज़्यादा फ़ायदा नज़र आता है. डेट फ़ंड में जल्दी पैसे निकालने पर पेनल्टी नहीं होती और रिटर्न भी बराबर/ कुछ ज़्यादा होता है.

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