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आदित्य बिड़ला TMF का कॉरपोरेट बॉन्ड फ़ंड में मर्जर होगा. अब आपको क्या करना चाहिए?

Aditya Birla Target Maturity Fund के इस मर्जर में अपने फ़ायदे का विकल्प जानिए

आदित्य बिड़ला TMF का कॉरपोरेट बॉन्ड फ़ंड में मर्जर होगा. अब आपको क्या करना चाहिए?

आदित्य बिड़ला सन लाइफ़ म्यूचुअल फ़ंड ने अपने कॉरपोरेट बॉन्ड फ़ंड के साथ, अपने टारगेट मैच्योरिटी फ़ंड (TMF) क्रिसिल IBX AAA मार्च 2024 इंडेक्स फ़ंड के मर्जर (विलय) की घोषणा की है. पहले वाली स्कीम 03 फ़रवरी, 2023 को शुरू की गई थी, जो 31 मार्च, 2024 को मैच्योर हो जाएगी.

TMF के निवेशकों को विकल्प दिया गया है. वे या तो अपना पैसा फ़ंड से निकाल सकते हैं या आदित्य बिड़ला सन लाइफ़ कॉरपोरेट बॉन्ड फ़ंड के साथ बने रह कर, इसके मर्जर का ऑप्शन चुन सकते हैं. बाद में, निवेशकों को TMF में उनके निवेश की क़ीमत के बराबर कॉर्पोरेट बॉन्ड फ़ंड की यूनिट दी जाएंगी.

यहां हम, मर्जर के संभावित फ़ायदों के बारे में बात करेंगे और टारगेट मैच्योरिटी फ़ंड के निवेशकों को एक बेहतर फ़ैसला लेने में मदद करने की कोशिश करेंगे.

आदित्य बिड़ला कॉरपोरेट बॉन्ड फ़ंड की बात

फ़ंड अपने AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट) का कम-से-कम 80 प्रतिशत AA+ या इससे ज़्यादा रेटिंग वाले शॉर्ट-टर्म कॉर्पोरेट बॉन्ड में इन्वेस्ट करता है. बाक़ी का 20 प्रतिशत, गवर्नमेंट सिक्योरिटी और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश कर सकता है.

मैंडेट के मुताबिक़, कॉरपोरेट बॉन्ड फ़ंड्स (एक तरह का debt fund) को अपने टोटल एसेट्स का कम-से-कम 80 प्रतिशत प्राइवेट कंपनियों के हाई-रेटेड बॉन्ड में इन्वेस्ट करना होता है. ये फ़ंड्स दो से तीन साल के शॉर्ट इन्वेस्टमेंट या आपके लॉन्ग-टर्म पोर्टफ़ोलियो में फ़िक्स्ड डिपॉज़िट एलोकेशन के लिए सही होते हैं. ये लॉग-टर्म में बैंक फ़िक्स्ड डिपॉज़िट के मुक़ाबले ज़्यादा रिटर्न दे सकते हैं. हालांकि, बैंक डिपॉज़िट के उलट, रिटर्न या कैपिटल की सुरक्षा की गारंटी नहीं देते.

परफ़ॉर्मेंस
आदित्य बिड़ला कॉरपोरेट बॉन्ड फ़ंड ने पिछले पांच साल में अपने जैसे दूसरे फ़ंड्स (peers) के मुक़ाबले अच्छा रिटर्न दिया है. हालांकि, रिटर्न महंगाई दर (inflation) से ज़्यादा नहीं है.

अपने जैसे दूसरे फ़ंड्स की तुलना में आदित्य बिड़ला कॉर्पोरेट बॉन्ड फ़ंड का परफ़ॉर्मेंस

रिटर्न (%) कैटेगरी में परफ़ॉर्मेंस के मामले में रैंक
2019 9.98 12/18
2020 12.01 4/20
2021 4.55 7/20
2022 3.54 4/21
2023 7.23 3/21
नोट: डायरेक्ट प्लान का रिटर्न (% में); वैल्यू रिसर्च कैटिगराइजेशन के आधार पर परफ़ॉर्मेंस रैंक

परफ़ॉर्मेंस के अलावा, कुछ दूसरे फ़ैक्टर्स पर भी ग़ौर किया जाना चाहिए.

ऊंची यील्ड के फ़ायदे
एक्सपर्ट्स को मौजूदा ऊंची ब्याज दरों में संभावित गिरावट की आशंका है, जिससे कॉर्पोरेट बॉन्ड फ़ंड ज़्यादा आकर्षक हो जाएंगे. ब्याज दरों (interest) और डेट फ़ंड्स के रिटर्न (debt fund return) के बीच उलटा संबंध होता है. यानी, जैसे-जैसे ब्याज दरें गिरती हैं, पहले से जारी ऊंचे ब्याज वाले बांड ज़्यादा वैल्यू वाले हो जाते हैं, जिससे उनमें निवेश करने वाले डेट फ़ंड्स (debt funds) के रिटर्न बढ़ जाते हैं.

इसलिए, अगर निवेशकों के मर्जर के साथ आगे बढ़ने का विकल्प चुनते हैं, तो वो दामों के बढ़ने और कॉर्पोरेट बॉन्ड फ़ंड की ऊंंची यील्ड से फ़ायदा ले सकते हैं.

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कितना टैक्स लगेगा
अगर निवेशक मैच्योरिटी पर टारगेट मैच्योरिटी फ़ंड से पैसा निकालने का विकल्प चुनते हैं, तो उन पर लगने वाले इनकम टैक्स स्लैब के मुताबिक़, शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स लगेगा.

हालांकि, अगर निवेशक मर्जर के साथ आगे बढ़ने का विकल्प चुनते हैं, तो उन पर तत्काल कोई टैक्स की ज़िम्मेदारी नहीं आएगी. इसके अलावा, कॉरपोरेट बॉन्ड फ़ंड में उनके निवेश को अप्रैल 2023 से पहले का माना जाएगा. इसलिए, वे तीन साल की होल्डिंग पीरियड के बाद इंडेक्सेशन के फ़ायदे के लिए क्वालिफ़ाई करेंगे, जिससे टैक्स का बोझ काफ़ी हद तक कम हो जाएगा.

हमारी राय
टारगेट मैच्योरिटी फ़ंड 31 मार्च, 2024 को मैच्योर होते हैं. इसलिए, उन लोगों के लिए जिन्हें तुरंत फ़ंड की ज़रूरत नहीं है और जिनके पास निवेश जारी रखने का लंबा समय है, उन्हें मर्जर से मिलने वाली ऊंची यील्ड और फ़ायदे वाले टैक्स का एक आकर्षक विकल्प मिल जाता है.

ध्यान दें, मर्जर का विल्प चुनने के लिए कुछ करने की ज़रूरत नहीं है. अगर आप कुछ भी नहीं करते हैं, तो ये माना जाएगा कि निवेशक प्रस्तावित बदलाव से सहमत हैं.

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