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IRM Energy IPO: इस इशू की 10 बड़ी बातें

अगर IRM Energy IPO में निवेश का प्लान कर रहे हैं, तो इसके बारे में ये जानना ज़रूरी है.

IRM Energy IPO: इस इशू की 10 बड़ी बातें

IRM Energy IPO: सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी IRM एनर्जी ने अपना IPO यानी इनीशियल पब्लिक ऑफ़र पेश किया है. ऐसे में निवेशकों के मन में सबसे पहला सवाल ये उठता है कि क्या ये निवेश का एक सुनहरा मौक़ा है?

हम यहां, इस कंपनी की क्षमताओं, कमज़ोरियों और ग्रोथ की संभावनाओं को सामने रख रहे हैं. इन्हें देखकर निवेशकों के लिए सोच-समझ कर निवेश का फैसला लेना आसान हो जाएगा.

क्या करती है IRM एनर्जी

IRM एनर्जी, भारत की एक सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनी है, जो गुजरात, पंजाब, दमन-दीव और तमिलनाडु के कई शहरों से ऑपरेट करती है. कंपनी स्थानीय स्तर पर नेचुरल गैस का डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बिछाने, विकसित करने और उसके ऑपरेशन से जुड़ी हुई है. कंपनी ने ख़ुद को PNG (Piped Natural Gas) और CNG (Compressed natural Gas) उपलब्ध कराने वाली कंपनियों में से एक के रूप में स्थापित किया है.

IPO डिटेल

IPO का कुल साइज़ (करोड़ ₹) 545
ऑफ़र फॉर सेल (करोड़ ₹) -
नए इशू (करोड़ ₹) 545
प्राइस बैंड (₹) 480-505
सब्सक्रिप्शन डेट 18 अक्टूबर से 20 अक्टूबर, 2023
इशू का उद्देश्य कैपेक्स और लोन रिपेमेंट

IRM एनर्जी के IPO में निवेश से पहले जानिए 10 बड़ी बातें

1. ROE और ROCE

क्वालिटीः IRM एनर्जी का तीन साल का औसत ROE और ROCE क्रमशः 33.5 और 24.4 फ़ीसदी रहा है. जून 2023 तक के 12 महीनों में कंपनी का ROE और ROCE, क्रमशः 18.2 फ़ीसदी और 14.2 फ़ीसदी रहा है.

2. ग्रोथ

फ़ाइनेंशियल ईयर 21-23 के बीच कंपनी का टॉपलाइन और PAT, क्रमशः 121.9 और 34.2 फ़ीसदी बढ़ा है.

फ़ाइनेंशियल हिस्ट्री

मुख्य आंकड़े 2 साल CAGR (%) TTM FY23 FY22 FY21
रेवेन्यू (करोड़ ₹) 121.9 1054 1039 546 211
EBIT (करोड़ ₹) 22.1 100 91 171 61
PAT (करोड़ ₹) 34.2 70 63 128 35
नेटवर्थ (करोड़ ₹) 373 346 244 118
कुल क़र्ज़ (करोड़ ₹)* 340 320 214 169
EBIT यानी इंटरेस्ट और टैक्स से पहले अर्निंग
PAT यानी प्रॉफ़िट आफ्टर टैक्स
*लीज़ से जुड़ी देनदारियों सहित

3. वैल्युएशन

शेयर लिस्ट होने के बाद स्टॉक का P/E और P/B क्रमशः 29.8 और 2.3 गुना हो जाएगा, जबकि उसकी जैसी दूसरी कंपनियों के मीडियन एवरेज क्रमशः 19.7 और 9.3 गुना है.

अहम रेशियो

रेशियो 3 साल का एवरेज (%) TTM FY23 FY22 FY21
ROE (%) 33.5 18.6 18.2 52.5 29.7
ROCE (%) 24.4 14.1 14.2 39 20
EBIT मार्जिन (%) 23.1 9.5 8.8 31.4 29
डेट टू इक्विटी NA NA NA NA
ROE यानी रिटर्न ऑन इक्विटी
ROCE यानी लगाई गई कैपिटल पर रिटर्न

4. ग्रोथ की संभावनाएं

क्लीन फ़्यूल को रेग्युलेटरी प्रोत्साहन और सरकार की कई नए शहरों को CGD नेटवर्क से जोड़ने की योजना से नेचुरल गैस की डिमांड बढ़ने का अनुमान है. कंपनी इस ट्रेंड को भुनाने के लिए तैयार नज़र आती है.

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5. IRM एनर्जी की ताकत

एक्सक्लूसिविटी का फ़ायदाः CGD कंपनियों को जब नए एरिया एलॉट किए जाते हैं तो उन्हें लाइसेंस एक्सपायर होने तक एक्सक्लूसिविटी का फ़ायदा मिलता है. यहां तक कि लाइसेंस एक्सपायर होने के बाद भी उन्हें परेशानी नहीं होती है, क्योंकि नई कंपनियों को ख़ासा निवेश करना होता है. इस तरह, अपने क्षेत्रों में लगभग सभी CGD कंपनियों को बढ़त मिलती है.

डाइवर्सिफ़ाई पोर्टफ़ोलियोः कंपनी ने इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और घरेलू कस्टमर्स सहित एक बड़ा कस्टमर बेस तैयार किया है. उसके कस्टमर्स में कई इंडस्ट्री शामिल हैं, जो अलग-अलग एरिया पर निर्भर करती हैं.

6. कमज़ोरियां

लाइसेंस पर निर्भरताः कंपनी को अपने बिज़नस के लिए कई तरह के लाइसेंस और मंजूरियों की ज़रूरत होती है. समय से लाइसेंस या अप्रूवल बनाए रखने या लेने में नाक़ाम रहने पर कामकाज पर नकारात्मक असर पड़ सकता है.

क़ीमतों में उतार-चढ़ावः गैस की क़ीमतों में उतार-चढ़ाव का असर कंपनी की प्रॉफ़िटेबिलिटी पर पड़ सकता है. इसके अलावा, चूंकि न्यूनतम और अधिकतम क़ीमत दोनों के लिए एक नया मूल्य बैंड स्थापित किया गया है, इसलिए कंपनी कम क़ीमत का भी फ़ायदा नहीं उठा सकती है. कंपनी अपने रोज़मर्रा के कामों के लिए गैस की आपूर्ति से जुड़े दूसरे पहलुओं पर निर्भर है.

7. प्रॉफ़िट बिफोर टैक्स

PBT: जून 2023 में समाप्त 12 महीने के दौरान कंपनी का टैक्स के पहले का प्रॉफ़िट ₹85 करोड़ रहा है. इसके अलावा, कंपनी को हाल में तमिलनाडु में दो नए एरिया मिले हैं, जहां काम शुरू हो गया है.

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8. कैसा है मैनेजमेंट

IPO के बाद प्रमोटर्स के पास कंपनी की कुल 50.1 फ़ीसदी हिस्सेदारी रह जाएगी. साथ ही, अच्छी बात ये है कि कंपनी के टॉप 3 मैनेजर 2015 में स्थापना के बाद से ही उसके साथ जुड़े हुए हैं. एक और अच्छी बात ये है कि प्रमोटर्स ने अपना कोई शेयर गिरवी नहीं रखा है.

हालांकि, इससे मैनेजमेंट के भरोसेमंद होने या अकाउंटिंग पॉलिसी के स्थायी होने के संकेत नहीं मिलते हैं.

9. ऑपरेटिंग कैश फ़्लो और डेट

कंपनी ने बीते तीन साल के दौरान पॉजिटिव ऑपरेटिंग कैश फ़्लो दर्ज किया है. इसके साथ ही, जून 2023 तक उसका डेट टू इक्विटी रेशियो 0.85 गुना यानी 1 से कम है.
वहीं, कंपनी को अपने दैनिक कामकाज के लिए ज़्यादा वर्किंग कैपिटल की ज़रूरत नहीं होती है.

इसके अलावा, कंपनी को कंज्यूमर से सीधे कमाई होती है. उसे सप्लाई की गई गैस का समय से भुगतान मिल जाता है.

10. क्या कहता है मोट (Moat)
कंपनी ख़ुद को एलॉट जिओग्राफ़िकल एरियाज में एक्सक्लूसिविटी का लुत्फ़ उठाती है और इसीलिए, लाइसेंस एक्सपायर होने तक उसे कॉम्पीटिशन से नहीं जूझना पड़ता.

डिसक्लेमरः ये स्टॉक रिकमंडेशन या IPO में निवेश की सलाह नहीं है. निवेश से पहले अच्छी तरह से विचार कर लें.

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