इंश्योरेंस

क्या ULIP की जगह इक्विटी फ़ंड + टर्म प्लान लेना सही होगा?

अगर आप यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान से बाहर निकलना चाहते हैं, तो ये तरीक़ा अच्छा होगा.

क्या  ULIP की जगह इक्विटी फ़ंड + टर्म प्लान लेना सही होगा?

आपके आसपास कुछ ऐसे लोग होंगे, जो टैलेंट कम होने के बावजूद ज़्यादा सफल हों. निवेश की दुनिया में ULIP , यानी यूनिट-लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान भी कुछ ऐसा ही है.

भले ही, ULIP का आश्चर्यजनक रूप से 2-इन-1 निवेश के रूप में प्रचार किया जाता है, क्योंकि ये निवेश को बीमा के साथ जोड़ता है. मगर, ये दोनों मामलों में दोयम दर्जे का साबित होता है. ये न तो बढ़िया इंश्योरेंस प्लान है और न ही निवेश का अच्छा विकल्प है. शायद, यही वजह है कि हमारी एक पाठक, अपने फ़ाइनेंस को फिर से व्यवस्थित करना चाहती हैं. भले ही उन्होंने छह साल पहले एक ULIP ख़रीदा था, वो जानना चाहती हैं कि क्या उन्हें पॉलिसी से बाहर निकलना चाहिए और बेहतर विकल्प की तलाश करनी चाहिए.

ख़ुशकिस्मती से, उनके पास कुछ बेहतर विकल्प हैं. चलिए, इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं.

उनका मौजूदा स्टेटस
उन्होंने छह साल पहले SBI स्मार्ट प्रिवलेज ULIP में निवेश किया था.

पॉलिसी से जुड़ा ब्योरा इस प्रकार है:

SBI स्मार्ट प्रिवलेज ULIP

पॉलिसी टर्म 20 साल
प्लान रेगुलर
सालाना प्रीमियम ₹6 लाख
इन्वेस्टमेंट स्प्लिट (मान लिया गया) इक्विटी फ़ंड (100%)
प्रीमियम एलोकेशन चार्जेस पांच साल के लिए 2.5 %
फ़ंड मैनेजमेंट चार्जेस 0.0135

अगर 12 फ़ीसदी रिटर्न मान लें, तो ULIP प्लान में सालाना ₹6 लाख जमा करने पर पॉलिसी होल्डर को, छह साल के बाद पॉलिसी सरेंडर करने पर कुल ₹50 लाख (प्रीमियम एलोकेशन और फ़ंड मैनेजमेंट फ़ीस जैसे चार्ज एडजस्ट करने के बाद) की रक़म मिलेगी.

पॉलिसी होल्डर नीचे दिए गए काम कर सकती हैं:

एक टर्म इंश्योरेंस और एक इक्विटी फ़ंड (जैसे - इंडेक्स फ़ंड) में निवेश
छह साल बाद ULIP को सरेंडर करने पर, पॉलिसी होल्डर को पॉलिसी से ₹50 लाख मिले.

ऐसी स्थिति में, आई-प्रू आई-प्रोटेक्ट स्मार्ट (iPRU iProtect Smart) जैसे टर्म प्लान लेने की सलाह दी जाती है, जो 50 साल की उम्र तक ₹50 लाख तक के कवरेज की पेशकश करता है, और इसके लिए मंथली प्रीमियम ₹628 (18 फ़ीसदी GST सहित) ही है.

इस तरह से ULIP से मिली रक़म और हर साल निवेश किए जा रहे ₹6 लाख (जो ULIP प्रीमियम के रूप में जा रहे थे) को इंडेक्स फ़ंड में अगले 14 साल तक के लिए निवेश किया जा सकता है.

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इसका कैलकुलेशन
सुरक्षा का ध्यान रखते हुए, ULIP से मिले ₹50 लाख 3 साल, यानी 36 महीने के लिए और ₹6 लाख प्रीमियम (प्रति महीने ₹50,000 माइनस टर्म प्लान प्रीमियम के ₹628 रुपये) अगले 14 साल (168 महीने) के लिए निवेश किए गए. पहले 36 महीने में लगभग ₹1.9 लाख की मंथली SIP रही. फिर, बाक़ी महीनों के दौरान, मंथली ₹49,372 निवेश किए गए. इंडेक्स फ़ंड (index fund) से सालाना 12 फ़ीसदी रिटर्न मान लें, तो 14 साल बाद कुल कॉर्पस ₹4.33 करोड़ का हो जाएगा.

अगर निवेशक ने ULIP प्लान जारी रखा होता, तो 20 साल के अंत में कुल धनराशि (चार्ज से इतर) लगभग ₹3.98 करोड़ (12 फ़ीसदी रिटर्न मानते हुए) हो जाती. यही मुख्य कारण है कि हम ULIP पॉलिसी चुनने की सिफ़ारिश नहीं करते, क्योंकि कम समय के लिए शुल्क एक छोटे प्रतिशत के रूप में लग सकते हैं, लेकिन लंबे समय में ये आपके रिटर्न का बड़ा हिस्सा खा जाएंगे.

पॉलिसीहोल्डर एक इक्विटी फ़ंड (इंडेक्स फ़ंड जैसा) में भी निवेश कर सकते हैं
हालांकि, ये सलाह तभी दी जाती है जब इन्वेस्टर के पास पहले से ही एक इन्श्योरेंस प्लान है. पॉलिसी होल्डर 20 साल तक ₹50,000 की मासिक SIP के साथ केवल इंडेक्स फ़ंड में (टर्म प्लान ख़रीदे बिना) निवेश कर सकता है. ऐसी स्थिति में, कॉर्पस (0.2 फ़ीसदी के शुल्क को शामिल करने के बाद) लगभग ₹4.86 करोड़ (12 फ़ीसदी का अनुमानित रिटर्न) होगा.

सतर्क रहें इन्वेस्टर्स
निवेश के कुछ साधनों को अक्सर सुनहरे अवसरों के रूप में पेश किया जाता है, और ULIP इसी कैटेगरी में आते हैं. हालांकि, वास्तविक रिटर्न सामने आने के बाद ही असली तस्वीर सामने आती है. भले ही, ULIP लंबे समय से मौजूद हैं, लेकिन उनकी बड़ी ख़ामी भारी फ़ीस है, जिससे आख़िरकार लंबे समय में मिलने वाला रिटर्न ख़त्म हो जाता है.

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