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लार्सन एंड टुब्रो का 85 साल में पहला बायबैक

कंपनी का ये बायबैक टेंडर ऑफ़र के ज़रिये पूरा होगा

लार्सन एंड टुब्रो का 85 साल में पहला बायबैकAnand Kumar

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Larsen & Toubro buyback: बड़ी इंफ़्रास्ट्रक्चर कंपनी लार्सन एंड टूब्रो ने ₹10,000 करोड़ के शेयर बायबैक को मंजूरी दे दी है. इसकी ₹3,000 प्रति शेयर की ऊंची क़ीमत पर 3.3 करोड़ इक्विटी शेयर (फुली पेड-अप शेयर कैपिटल का 2.4 फ़ीसदी) ख़रीदने की योजना है.

अगर बायबैक होता है, तो ये बीते 85 साल में कंपनी का पहला बायबैक होगा.

ये बायबैक एक टेंडर ऑफ़र रूट (tender offer route) के ज़रिये किया जाएगा, जिसमें मौजूदा शेयरहोल्डर अपने शेयर रखने या कंपनी को बेचने का विकल्प चुन सकते हैं. हालांकि, अभी तक क़ीमत और तारीख की घोषणा नहीं की गई है.

ये दूसरी कोशिश है
ऐसा पहली बार नहीं है कि L&T ने बायबैक का प्रस्ताव दिया है. अगस्त 2018 में, बोर्ड ने ₹9,000 करोड़ तक के बायबैक को मंजूरी दी थी. हालांकि, इसे SEBI ने इसलिए खारिज कर दिया था कि बायबैक के बाद, कंपनी पर दो से ज़्यादा का डेट-टू-इक्विटी (debt-to-equity) हो जाता.

लेकिन इस बार L&T तैयार है. जून 2023 तक कंपनी का डेट-टू-इक्विटी 1.06 गुना था (Q1 FY24 के इन्वेस्टर प्रिजेंटेशन के अनुसार).

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निवेशकों के लिए अलर्ट
L&T पूरे बायबैक की फ़ंडिंग कैश के ज़रिये करेगी. बायबैक की ये रक़म कंपनी के ₹53,200 करोड़ (जून 2023 तक) के कुल कैश, और कैश इक्विवैलेंट की क़रीब 19 फ़ीसदी है.

कंपनियां अक्सर शेयर बायबैक को अपने शेयर होल्डर्स को रिवॉर्ड देने का एक तरीक़ा मानती हैं. चूंकि कंपनी द्वारा बायबैक में दी गई क़ीमत मौजूदा क़ीमत से ज़्यादा है, इसलिए शेयरहोल्डर प्रीमियम पर अपनी होल्डिंग्स बेच सकते हैं. वहीं, जो शेयरहोल्डर अपने शेयर रखने का फ़ैसला करते हैं, उन्हें कंपनी में अपनी स्टेक बढ़ने से फ़ायदा होगा.

प्रति शेयर ₹3,000 का ये बायबैक ऑफ़र 25 जुलाई, 2023 के इसके क्लोज़िंग प्राइस (₹2,562) से लगभग 17 फ़ीसदी प्रीमियम पर है.

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