SIP सही है

फुकेत घूमने का सबसे अच्छा प्लान

थाइलैंड हो या भारत, छुट्टियां कहीं भी मनाने का प्लान बनाते वक़्त इन बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है

फुकेत घूमने का सबसे अच्छा प्लान

शरद, "क्‍या तुमने फुकेत की ये तस्‍वीरें देखीं? मुझे तो लगता है हमारा अगला वेकेशन वहीं होना चाहिए."

स्नेहा " फुकेत? है तो बहुत सुंदर पर भूल गए, पिछली बार के ट्रिप पर हुए ख़र्चे भरते-भरते कितना वक़्त लग गया था. इस बार हमें 'पहले घूम कर आओ फिर किश्तों में पैसे भरो' वाली ग़लती नहीं करनी."

ये एक आम भारतीय पति-पत्नी की बातचीत हो सकती है. जो हर किसी की तरह घूमना-फिरना तो चाहते हैं मगर इसके लिए अक्सर पैसों की प्लानिंग उतनी अच्छी नहीं कर पाते. अक्सर तो ये काम लोन लेकर भी किए जाते हैं. जो अब बेहद आसानी से मिल जाता है. मगर क्या ऐसा करना सही है? क्या अच्छी प्लानिंग करके घूमने का प्लान नहीं बनाया जा सकता?

प्‍लानिंग क्‍यों है ज़रूरी
किसी शानदार जगह पर जाकर छुट्टियां बिताना जितना लुभावना होता है, वहीं इसका खर्च एक सिरदर्द बन जाता है. ऐसे में अगर आप पहले से प्‍लान करके, बचत और निवेश करते हैं तो आप लोन लेने से बच सकते हैं. इस तरह से आप तनाव मुक्‍त और क़र्ज़ दोनों से फ्री हॉली-डे ट्रिप कर सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले तो ये पक्का कर लें कि यूं ही सुबह उठकर बैग तैयार करके लंबी छुट्टी पर नहीं चल पड़ेंगे बल्कि इसके लिए कुछ आगे की प्लानिंग करेंगे, जैसे- 6 महीने या एक साल बाद का प्लान.

बचत का तरीक़ा क्या होगा
हर महीने के बजट में से एक तय रक़म अपने बचत खाते में डालें. हर महीने ₹10,000 से ₹20,000 बचत करने का लक्ष्‍य रखें. ऐसे ख़र्च जिनसे बचा जा सकता है, उन्हें करने के बजाए वो पैसा आप इस छुट्टी के नाम रख दें. ख़ुद से पूछे कि क्‍या हमें असल में पांचवें स्‍ट्रीमिंग सब्‍सक्रिप्‍शन की ज़रूरत है, या उस पैसे को छुट्टियों के लिए बचाया जा सकता है. इस तरह से आप लगभग दो साल में बचत के ज़रिए हॉलीडे के लिण्‍ जरूरी खर्च का इंतजाम कर सकते हैं.

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कंपाउंडिंग की पावर
म्‍यूचुअल फ़ंड (Mutual Funds) में इन्वेस्ट करके अच्छा रिटर्न पाया जा सकता है. कंपाउंडिंग की पावर (compounding power of money) का फ़ायदा उठाने के लिए निवेश की शुरुआत जल्‍द करें. यहां तक कि हर महीने एक तय रक़म निवेश करके लंबे समय में बड़ा फ़ंड बनाया जा सकता है.

हॉलीडे ट्रिप का ख़र्च
फुकेत में एक हफ़्ते के फ़ैमिली वैकेशन (पति पत्नी और एक बच्चा) का औसत अनुमानित ख़र्च ₹4 से ₹5 लाख के आसपास है. इसमें से फ्लाइट से आने जाने का खर्च लगभग ₹2 लाख होगा. वहीं होटल और दूसरी एक्टिविटी पर लगभग ₹2 लाख का खर्च आएगा। इसके अलावा आपको लगभग ₹1 लाख अलग से रखने होंगे जिससे आप किसी भी तरह के अप्रत्‍याशित ख़र्च को मैनेज कर सकें। आप पहले से प्‍लान करके इस इस खर्च का बड़ा हिस्‍सा बचत के ज़रिए जुटा सकते हैं. वहीं अगर आप ट्रिप के लिए लोन लेते हैं तो पर्सनल लोन पर आपको सालाना 11-15 प्रतिशत तक ब्‍याज चुकाना पड़ सकता है. क्र‍ेडिट कॉर्ड की EMI तो आपको इससे भी ज्‍यादा मंहगी पड़ेगी..

म्‍यूचुअल फ़ंड इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान
एक भरोसेमंद म्‍यूचुअल फ़ंड चुनें जो हमारी रिस्‍क उठाने की क्षमता और निवेश के गोल के लिहाज़ से सही हो. इसके लिए आप एक बैलेंस्‍ड फ़ंड के बारे में सोच सकते हैं, जो एक तय अनुपात में इक्विटी और डेट दोनों में निवेश करता है. यहां डेट निवेश को स्थिरता मुहैया कराता है वहीं इक्विटी निवेश की रक़म को बढ़ाता है.

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डायवर्सीफिकेशन और सिस्‍टमैटिक इन्‍वेस्‍टमेंट
निवेश की रक़म दो से तीन फ़ंड में निवेश करें. क्‍योंकि अपने निवेश को डायवर्सीफ़ाई करना ज़रूरी है. अगर एक फ़ंड कमज़ोर प्रदर्शन कर रहा है, तो दूसरा या तीसरा फ़ंड इसकी भरपाई कर सकता है.

सिस्‍टमैटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान यानी SIP के ज़रिए हर महीने एक तय रक़म निवेश करें. SIP निवेश की लागत को औसत कर देती है और बाज़ार गिरने पर ज्‍यादा यूनिट यूनिट ख़रीदने में मदद करती है. इससे रिटर्न बढ़ता है.

अब बात फुकेत की
फुकेत जाने का सबसे अच्‍छा समय: प्‍लानिंग 1 साल पहले शुरू करें इससे आपके पास बचत और निवेश के लिए काफ़ी समय रहेगा. वैसे फ़ुकेत जाने का सबसे अच्‍छा समय नवंबर से फ़रवरी है. ख़ासकर उस समय जब मौसम सुहावना हो और आउटडोर एक्टिविटीज में कोई दिक्‍कत न हो.

फुकेत में क्‍या कर सकते हैं आप: आप फुकेत नेशनल पार्क जा सकते हैं और कई तरह के जानवर और पक्षी देख सकते हैं. आप यहां कैमल सफ़ारी का आनंद उठा सकते हैं. ऐतिहासिक चीजों में दिलचस्‍पी रखते हैं तो फुकेत फ़ोर्ट है, जो खुद में सैकड़ों सालों की कहानियां समेटे हुए है. वहां के स्‍थानीय खाने का स्‍वाद लेने के साथ-साथ समुद्र के किनारे बने कॉटेज में रात बिताना और पैराग्‍लाइडिंग करना सबसे बड़ा आकर्षण है.

एडवांस प्‍लानिंग के फ़ायदे
एडवांस प्‍लानिंग करके आप थोड़ी-थोड़ी रक़म आसानी से बचा सकते हैं और इससे मंथली बजट पर बोझ नहीं पड़ता.

आखिरी समय की व्‍यवस्‍था से बच कर आप फ़्लाइट, होटल और दूसरी एक्टिविटीज के लिए बेहतर डील हासिल कर सकते हैं.

लोन की ज़रूरत को खत्‍म करके हम ब्‍याज चुकाने और इसके वित्‍तीय बोझ से बच सकते हैं.

याद रखें, हमारा गोल सिर्फ़ यादगार हॉलीडे नहीं, बल्कि फ़ाइनेंशियल सिक्योरिटी भी है. पहले के लिए तैयार रहें, समझदारी से बचत और निवेश करें और देश-दुनिया घूमने के अपने सपने को हक़ीकत ज़रूर बनाएं.

हॉलीडे ट्रिप का ख़र्च
फुकेत में एक हफ़्ते के फ़ैमिली वैकेशन (पति-पत्नी और एक बच्चा) का औसत अनुमानित ख़र्च ₹4 से ₹5 लाख के आसपास है. इसमें से फ्लाइट से आने जाने का खर्च लगभग ₹2 लाख होगा. वहीं, होटल और दूसरी एक्टिविटी पर लगभग ₹2 लाख का खर्च आएगा. इसके अलावा आपको लगभग ₹1 लाख अलग से रखने होंगे, जिससे आप किसी भी तरह के अप्रत्‍याशित ख़र्च को मैनेज कर सकें. आप पहले से प्‍लान करके इस इस खर्च का बड़ा हिस्‍सा बचत के ज़रिए जुटा सकते हैं. वहीं, अगर आप ट्रिप के लिए लोन लेते हैं तो पर्सनल लोन पर आपको सालाना 11-15 प्रतिशत तक ब्‍याज चुकाना पड़ सकता है. क्र‍ेडिट कार्ड की EMI तो आपको इससे भी ज्‍यादा मंहगी पड़ेगी.

देखिए ये वीडियो- फ़ंड निवेश का बेस्ट प्लान

धनक साप्ताहिक

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