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FD या शॉर्ट-ड्यूरेशन फंड: आपके लिए क्या है खरा सौदा?

 फ़िक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरें बढ़ गई हैं, अब आपको शॉर्ट-ड्यूरेशन डेट फंड्स में निवेश करना चाहिए या FD में, ये जानने के लिए आगे पढ़िए

FD या शॉर्ट-ड्यूरेशन फंड: आपके लिए क्या है खरा सौदा?

टिकाऊ और सुरक्षित रिटर्न पर भरोसा करने वाले लोगों के लिए ये सुनहरा दौर है. दरअसल, इन दिनों दुनिया के साथ-साथ भारत में भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी जारी है, जिसका असर फ़िक्स्ड डिपॉज़िट यानी FD की ब्याज दरों पर भी दिख रहा है. उम्मीद है कि FD की ब्याज दरें अभी कुछ समय और बढ़ती रहेंगी. ऐसे में कई इन्वेस्टर्स निवेश के लोकप्रिय विकल्पों में से एक शॉर्ट-ड्यूरेशन डेट फंड्स में पैसा लगाने पर सवाल उठा रहे हैं.
इसकी एक वजह यह भी है कि बीते एक साल के दौरान शॉर्ट-ड्यूरेशन डेट फंड्स (Debt Funds) ने लगभग 4.80 फ़ीसदी रिटर्न दिया है, जो FD की मौजूदा लगभग 6.80 फ़ीसदी ब्याज दर की तुलना में खासा कम है. क्या यह तुलना सही है? नहीं, बिल्कुल नहीं.

शॉर्ट-ड्यूरेशन फंड्स और
दरअसल, शॉर्ट-ड्यूरेशन डेट फंड्स पर रिटर्न ऐतिहासिक, यानी बीते वर्षों का है. जबकि फिक्स्ड डिपॉज़िट रेट्स वो ब्याज है, जो आपको अगले साल मिलेगा. सही तुलना के लिए, हमें शॉर्ट-ड्यूरेशन फंड्स की यील्ड-टू-मैच्योरिटी (YTM) पर ग़ौर करने की ज़रूरत है.

सरल शब्दों में कहें तो यील्ड-टू-मैच्योरिटी वो रिटर्न है, जो आपको एक बॉन्ड ख़रीदने और उसे उसके मैच्योर होने तक होल्ड करने पर मिलता है. यदि एक फ़ंड की मैच्योरिटी पर यील्ड 8 फ़ीसदी है, और सभी इनवेस्टर्स उसमें बने रहते हैं. साथ ही, फंड मैनेजर उसमें कोई बदलाव नहीं करता है तो आप खर्च घटाने के बाद फंड पर यील्ड टू मैच्योरिटी को रिटर्न मान सकते हैं. आप dhanak.com के फंड पेज पर जाकर किसी भी डेट फंड के YTM को देख सकते हैं.

शॉर्ट ड्यूरेशन डेट फंड्स का औसत YTM 7.52 फ़ीसदी है, जो FD की मौजूदा 6.80 फ़ीसदी ब्याज दर से ज़्यादा है. 2022 की शुरुआत में FD पर ब्याज दरें 5.10 फ़ीसदी के आसपास ही थीं. ये दर FD की मौजूदा ब्याज दरों और शॉर्ट ड्यूरेशन डेट फंड्स के औसत YTM से कम है.

शॉर्ट-ड्यूरेशन डेट फंड्स के फ़ायदे
इसके अलावा, FD की तुलना में शॉर्ट-ड्यूरेशन डेट फंड्स के दो फ़ायदे भी हैं:

  • पहला, इनमें बिना किसी पेनल्टी के आप कभी भी अपना पैसा निकाल सकते हैं, वहीं, FD में आपको एक निश्चित समय तक पैसा जमा रखना होता है.
  • दूसरा, यदि आप तीन साल से ज़्यादा समय तक के लिए एक डेट फंड (debt fund) को होल्ड करते हैं, तो आपको इंडेक्सेशन को समायोजित करते हुए फ़ायदे पर सिर्फ़ 20 फ़ीसदी टैक्स देना होगा. वहीं, FD पर मिले ब्याज को आपकी आय में जोड़ दिया जाता है और आप पर लागू टैक्स स्लैब (tax slab) के आधार पर टैक्स वसूला जाता है. यह विशेषकर 30 फ़ासदी के टैक्स ब्रेकेट में आने वाले लोगों के लिए खासा अहम हो सकता है.

यहां बता दें कि इंडेक्सेशन (indexation) का मतलब महंगाई को समायोजित करने से है.

आपके लिए क्या है फ़ायदे का सौदा
फ़िक्ड्स डिपॉजिट्स के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बावजूद, शॉर्ट-ड्यूरेशन डेट फंड्स निवेश के बेहतर विकल्प बने हुए हैं. वे आपको कुछ ज्यादा रिटर्न के साथ लिक्विडिटी उपलब्ध कराते हैं. यानी आप ज़रूरत पड़ने पर जब चाहें पैसा निकाल भी सकते हैं. इसके साथ ही टैक्सेशन के लिहाज़ से भी आपके लिए फ़ायदे का सौदा है.


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