टैक्स बचाने के विकल्प

सबसे अच्‍छा टैक्‍स-सेविंग प्‍लान

अलग-अलग निवेशकों की जरूरतों के लिए सबसे ज्‍यादा फायदेमंद टैक्‍स सेविंग प्‍लान

सबसे अच्‍छा टैक्‍स-सेविंग प्‍लान

टैक्‍स सेविंग इन्‍वेस्‍टमेंट के लिहाज से अगले कुछ सप्‍ताह बेहद अहम हैं। टैक्‍स सेविंग इन्‍वेस्‍टमेंट के लिए बहुत से आप्‍शंस उपलब्‍ध हैं जिनमे से आप अपने लिए ऑप्‍शन चुन सकते हैं। लेकिन ज्‍यादातर निवेशकों के पास न तो समय है और न ही दिलचस्‍पी कि वे इन ऑप्‍शंस का सावधानी से आकलन कर सकें। बहुत से निवेशकों के लिए, टैक्‍स बचाना ही सबसे बड़ा मकसद है और टैक्‍स बचाने के लिए सेक्‍शन 80 सी के तहत निवेश के जो ऑप्‍शन हैं आखिरी मिनट में वे उसी पर जाते हैं।

साफ है कि यह निवेश का सही तरीका नहीं है। अगर निवेशक हर साल 1.5 लाख रुपए निवेश करता है तो टैक्‍स बचाने के लिए किया गया निवेश ज्‍यादातर निवेशकों के पर्सनल फाइनेंस बड़ा असर डाल सकता है। और जब टैक्‍स सेविंग लिमिट बढ़ाई जाएगी तो यह असर और बड़ा हो जाएगा।

अगर आप टैक्‍स बचाने के लिए बहुत से ऑप्‍शंस में से अपने लिए सही ऑप्‍शन नहीं चुन पा रहे हैं तो यह स्‍टोरी आपके लिए है। हम आपकी निवेश जरूरतों के आधार पर सबसे फायदेमंद ऑप्‍शंस चुनने का सरल और प्रभावी तरीका पेश कर रहे हैं।

हम इसकी डिटेल में जाएं इससे पहले इस बात पर ध्‍यान दें कि टैक्‍स-सेविंग ऐसे निवेश का एक और बेनेफिट है। आपका निवेश पहले आपकी निवेश और लिक्विडिटी जरूरतों के हिसाब से होना चाहिए। इसके अलावा यह आपकी जोखिम उठाने की क्षमता के लिहाज से भी उपयुक्‍त होना चाहिए। इन बातों को ध्‍यान में रखते हुए आप रेडी-टू-गो टैक्‍स सेविंग प्‍लान के लिए ‘टैक्‍स सेविंग फैसलों का फ्रेमवर्क’ फ्लोचार्ट का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

सबसे अच्‍छा टैक्‍स-सेविंग प्‍लान

फ्लोचार्ट आपकी निवेश जरूरतों, जोखिम उठाने की क्षमता और लिक्विडिटी जरूरतों पर गौर करता है। इससे आपको अपने लिए सबसे बेहतर निवेश को जीरो इन करने में मदद मिलेगी। आप इसका इस्‍तेमाल तेजी से फैसला करने में कर सकते हैं। हालांकि यहां सेक्‍शन ‘80 सी के तहत टैक्‍स सेविंग इन्‍वेस्‍टमेंट्स’ टेबल भी है जो कि इनकी तुलना दूसरे लोकप्रिय विकल्‍पों से करता है।

कुछ अहम बातें:

· फ्लोचार्ट सिर्फ निवेश के बारे में है। आप इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम और कुछ अन्‍य खर्चो पर टैक्‍स बेनेफिट पा सकते हैं लेकिन हमारी स्‍टोरी का फोकस निवेश पर है।
· सभी टैक्‍स सेविंग इन्‍वेस्‍टमेंट में लॉक-इन पीरियड होता है। ऐसे में ये सिर्फ मध्‍यम से लंबी अवधि के लिए उपयुक्‍त हैं। ELSS का लॉक-इन तीन साल का है। यह सबसे कम अवधि का लॉक इन है, लेकिन निवेश के लिहाज से यह अवधि बहुत छोटी है। अगर तीन साल के लिए निवेश किया जाए तो आप पूरा जोखिम उठाने के बावजूद रिटर्न की संभावनाओं का पूरा फायदा नहीं उठा पाएंगे। हमारी सलाह है, कि टैक्‍स बचाने के लिए आप सिर्फ उसी रकम को निवेश करें जिसे कम से कम 5 साल तक निवेश में बनाएं रख सकें।
· अगर आपके निवेश की अवधि 5 साल है तो आपके टैक्‍स सेविंग इन्‍वेस्‍टमेंट का अधिकतम अलॉकेशन इक्विटी में होना चाहिए। यह रकम एक अच्‍छी अवधि के लिए निवेश में रहेगी ऐसे में इस रकम को सिर्फ फिक्‍स्ड इनकम इन्‍वेस्‍टमेंट्स में रखने पर आपको रिटर्न के मोर्चे पर नुकसान होगा। फ्लोचार्ट में में दिए गए सुझाव में इक्विटी का अच्‍छा अलॉकेशन है। सिर्फ इनकम गोल इसका अपवाद है और हम इसकी वजह भी बताएंगे।

धनक साप्ताहिक

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