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वैल्‍यू रिसर्च प्रीमियम इनकम पोर्टफ़ोलियो के लिए भी इक्विटी फंड का सुझाव क्‍यों देता है?

आशुतोष गुप्‍ता का कहना है कि फिक्‍स्ड इनकम वाला हिस्‍सा आपकी रकम को लगातार बढ़ाता है वहीं इक्विटी वाला हिस्‍स रिटर्न को बढ़ाता है जिससे महंगाई के असर से निपटने में मदद मिलती है

वैल्‍यू रिसर्च प्रीमियम इनकम पोर्टफ़ोलियो के लिए भी इक्विटी फंड का सुझाव क्‍यों देता है?

वैल्‍यू रिसर्च प्रीमियम इनकम पोर्टफोलियो के लिए भी इक्विटी फंड का सुझाव क्‍यों देता है ?
-अशोक महादेवन

हमारा मानना है कि इक्विटी एक इनकम पोर्टफोलियो का अहम हिस्‍सा होना चाहिए। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि किसी को भी रिटायरमेंट के बाद की लंबी अवधि में भी महंगाई दर से अधिक रिटर्न की जरूरत है।

मान लेते हैं कि किसी व्‍यक्ति के पास अपनी इनकम जरूरतों के लिए पूरी तरह से फिक्‍स्ड इनकम पोर्टफोलियो है जहां वह सिर्फ फिक्‍स्ड डिपॉजिट में निवेश करता है ऐसे पोर्टफोलियो से हर माह 50,000 रुपए मंथली इनकम हासिल करता है। हो सकता है कि आज उस व्‍यक्ति की जरूरतों के लिए 50,000 रुपए की आय काफी हो। लेकिन पांच साल के बाद महंगाई और अर्थव्‍यवस्‍था में कीमतें बढ़ने की वजह से यह रकम काफी नहीं होगी। उसे इनकम बढ़ाने की जरूरत होगी। लेकिन सिर्फ फिक्‍स्ड इनकम से बना पोर्टफोलियो कीमतें बढ़ने के साथ महंगाई की जरूरतें पूरी नहीं कर पाएगा। इसीलिए जरूरी है कि पोर्टफोलियो में थोड़ा इक्विटी को शामिल किया जाए जिससे लंबी अवधि में ज्‍यादा रिटर्न मिले।

ऐसे में विचार यह है कि पोर्टफोलियो में फिक्‍स्ड इनकम इन्‍वेस्‍टमेंट और इक्विटी इन्‍वेस्‍टमेंट को इस तरह से शामिल किया जाए जिससे फिक्‍स्ड इनकम वाला हिस्‍सा आपकी रकम को लगातार बढ़ाता रहे और इक्विटी वाला हिस्‍सा इस तरह से रिटर्न को बढ़ाता रहे कि कम अवधि का उतार चढ़ाव नियमित इनकम को बाधित न करे। इसीलिए वैल्‍यू रिसर्च प्रीमियम इनकम पोर्टफोलियो में इक्विटी और डेट अलॉकेशन का सुझाव देता है।

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धनक साप्ताहिक

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