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डेट फंड करेगा इनकम का इंतजाम

डेट फंड का इस्‍तेमाल जरूरी खर्च को पूरा करने के लिए इनकम हासिल करने के लिए कर सकते हैं

डेट फंड करेगा इनकम का इंतजाम

इनकम के लिए निवेश उन हालात को कहते हैं जहां आपको जरूरी खर्च को पूरा करने के लिए अपने निवेश के एक हिस्‍से को नियमित तौर पर निकालने की जरूरत होती है। आम तौर पर ऐसा रिटायर्ड लोग या ऐसे लोग करते हैं जिनके पास नियमित आय का और कोई जरिया नहीं होता है।

जब निवेश रकम इकठ्ठा करने के बजाए इनकम के लिए किया जाता है तो इसके अहम फीचर्स अलग होने चाहिए। पहली और सबसे बात यह है कि यह ऐसा होना चाहिए कि इसके बारे में अनुमान लगाया जा सके। अगर रकम बहुत बाद में इस्‍तेमाल के लिए इकठ्ठा की जा रही है तो यह मायने नहीं रखता कि आप को अलग -अलग समय पर कम या ज्‍यादा रिटर्न मिल रहा है। यह भी मायने नहीं रखता है कि कुछ समय तक आपने रकम गंवाई है क्‍योंकि लंबे समय में कुल मिला कर आपको फायदा ही होता है। वहीं जब आपको निवेश से नियमित तौर पर इनकम निकालनी होती है तो रिटर्न में उतार चढ़ाव या रकम का नुकसान होना बहुत मायने रखता है।

दूसरी बात यह है अनुमानित रिटर्न की दर महंगई दर से मैच करनी चाहिए या कम से कम इसके करीब होनी चाहिए। अगर रिटर्न की दर महंगाई दर से मैच नहीं करती है तो जब आप इसका इस्‍तेमाल नहीं भी करते हैं तब भी आपकी रकम अपनी वैल्‍यू गवां रही होती है।

तीसरी बात यह है कि निवेश लिक्विड होना चाहिए। इसका मतलब है कि इसका लॉकइन पीरियड नहीं होना चाहिए और आप नियमित तौर पर निवेश का एक हिस्‍सा बिना किसी दिक्‍कत या वित्‍तीय पेनल्‍टी के निकाल सकें।निवेश के लिए ऐसे ज्‍यादा विकल्‍प नहीं हैं जो इन सभी जरूरतों को पूरा करता हो। तो बहुत से बचत करने वाले जिनको ज्‍यादा जानकारी नहीं है वे नियमित इनकम के लिए रकम बैंक के सेविंग अकाउंट में रखते हैं। सेविंग अकाउंट निश्चित तौर पर सुरक्षित हैं और इनका रिटर्न कितना होगा यह भी पहले से पता होता है। इसके अलावा इनके साथ लिक्विडिटी की समस्‍या भी नहीं होती है।

हालांकि इनका इंटरेस्‍ट रेट कम होता है। मौजूदा समय में ज्‍यादातर बैंक 2.7 से 3 फीसदी तक ब्‍याज दे रहे हैं। यह ब्‍याज दर महंगाई दर के आसपास भी नहीं है। बैंक अकाउंट में रखी आपकी रकम लगातार वैल्‍यू गवां रही है और इसकी खरीद क्षमता समय के साथ कम होती जा रही है।
सेविंग अकाउंट के बाद दूसरा सबसे ज्‍यादा इस्‍तेमाल किया जाने वाला ऑप्‍शन है बैंक फिक्‍स्ड डिपॉजिट। ये आम तौर पर सेविंग अकाउंट से ज्‍यादा रिटर्न देते हैं। ज्‍यादातर बैंक एक साल की फिक्‍स्ड डिपॉजिट पर 5 से 5.5 फीसदी ब्‍याज देते हैं। हालांकि हाल में ब्‍याज दरों में आई गिरावट के बाद अब बैंक एफडी का यह लाभ खत्‍म हो गया है और बैंक एफडी पर भी अब ज्‍यादा ब्‍याज नहीं दे रहे हैं। एफडी भी बैंक का प्रोडक्‍ट है। ऐसे में यह भी सेविंग अकाउंट की तरह सुरक्षित है और इसका रिटर्न भी पहले से पता होता है।

हालांकि लिक्विडिटी की बात करें तो इसका मामला कमजोर पड़ जाता है। अगर आपको एफडी से हर माह इनकम चाहिए तो आपको एफडी का जटिल रोस्‍टर सेट करना पड़ेगा जो हर माह मैच्‍योर हो रही हो। और या तो आपको मैच्‍योर हो रही एफडी की रकम को सेविंग अकाउंट में ट्रांसफर करना होगा। इसके बाद ही इसे आप मंथली इनकम के तौर पर इस्‍तेमाल कर पाएंगे। ये दोनों ही ऑप्‍शन व्‍यावहारिक नहीं हैं।

इस तरह से देखें तो डेट फंड ही सबसे बेहतर ऑप्‍शन बचता है। डेट फंड के साथ ऐसी दिक्‍कतें नहीं हैं। इसके लिए सबसे बेहतर शार्ट ड्यूरेशन डेट फंड हैं। इसके रिटर्न का अनुमान भी काफी हद तक लगाया जा सकता है।

धनक साप्ताहिक

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