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क्या ETF NFO लिस्टिंग पर स्टॉक जैसा ही मुनाफ़ा मिलता है? - धनक सब्सक्राइबर
जी, बिल्कुल ऐसा होता है. लेकिन बीते कुछ साल के IPO, ETF NFO लिस्टिंग के मुक़ाबले मुनाफ़े में कहीं आगे रहे हैं. अब पारस डिफ़ेंस को ही देखें, जिसमें पहले ही दिन से 185 फ़ीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली, और टाटा टेक्नोलॉजीज़ जिसने 162.85 फ़ीसदी की बढ़त हासिल की है. (लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि हम IPO का समर्थन करते हैं और इस पर हम बाद में बात करेंगे).
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ETF NFO (एक्सचेंज-ट्रेडेड फ़ंड के नए लॉन्च) बहुत ही कम आकर्षक हैं क्योंकि वो अपने स्वभाव में कंपनी के शेयरों से अलग हैं. पैसिव फ़ंड होने के कारण, ETF सिर्फ़ किसी एक इंडेक्स के प्रदर्शन को ही दोहराते हैं. इनकी यूनिट्स को इस तरीक़े से बनाया और NFO के दौरान बेचा जाता है. इसका नतीजा होता है कि एक ETF लिस्टिंग का मुनाफ़ा काफ़ी हद तक साधारण सा रह जाता है.
भले ही किसी पाज़िटिव मार्केट में ETF की ज़्यादा डिमांड हो, लेकिन इस बात की ज़्यादा संभावना है कि 'लिस्टिंग गेन', काफ़ी नहीं होगा. जब 2002 और 2024 के बीच लॉन्च हुए लगभग 150 ETF NFO को हमने एनलाइज़ किया, तो हमें उनसे ये सीखने को मिला:
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150 ETF में से 90 स्टॉक एक्सचेंज में अपने पहले दिन के अंत में प्रीमियम पर ट्रेडिंग कर रहे थे (ETF की दुनिया में लिस्टिंग गेन जैसा), ज़्यादातर ETF को सिर्फ़ 0 से 5 फ़ीसदी प्रीमियम पर ख़रीदा और बेचा जा रहा था, जो निवेशकों के लिए कोई बड़ा मुनाफ़ा नहीं है.
- बीते 21 साल में सिर्फ़ 11 ETF ने ही 5 फ़ीसदी से ज़्यादा प्रीमियम पर ट्रेड किया है.
ट्रेडिंग | NFO की संख्या |
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10% से कम डिस्काउंट | 1 |
5-10% के बीच डिस्काउंट | 2 |
0-5% के बीच डिस्काउंट | 57 |
0-5% के बीच प्रीमियम | 79 |
5 से 10% के बीच प्रीमियम | 4 |
10% से ज़्यादा प्रीमियम | 7 |
हालांकि नए ETF को प्रीमियम पर बेचा जा सकता है, पर ये प्रीमियम बहुत ज़्यादा नहीं होता. इसके अलावा, भले ही कुछ ETF लिस्टिंग के दिन 5 फ़ीसदी से ज़्यादा प्रीमियम पर ट्रेड करते हों, लेकिन अगले ही दिन ये उछाल कम हो जाता है, जिससे ETF की प्रति यूनिट की क़ीमत NAV के आसपास आ जाती है. इसलिए, अगर आप ज़्यादा मुनाफ़ा कमाने की सोच रहे हैं, तो इस लिहाज़ से न तो ETF NFO और न ही IPO सही है. क्योंकि सिर्फ़ कुछ ही कंपनियां ठीक-ठाक रिटर्न देती हैं. लंबे समय के निवेश (कम से कम पांच साल) के लिए इक्विटी (इक्विटी फ़ंड या स्टॉक) में निवेश करना बेहतर रहेगा.
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म्यूचुअल फ़ंड सही है
म्यूचुअल फ़ंड SIP के ज़रिए एक अनुशासित निवेशक बनें, जो आपको नियमित अंतराल (हर महीने, तिमाही आदि) पर एक तय रक़म निवेश करने की सहूलियत देता है. ये तरीक़ा आपको मार्केट के उतार-चढ़ाव से निपटने में मदद कर सकता है. SIP के ज़रिए निवेश करने से आपको समय के साथ निवेश का ख़र्च कम करने में भी मदद मिलती है, क्योंकि एक अर्से के दौरान मार्केट चाहे ऊपर हो या नीचे आपके निवेश का ख़र्च एक औसत पर आ जाता है.
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बेस्ट म्यूचुअल फ़ंड कैसे चुनें
Best Mutual Fund: अच्छे रिटर्न के लिहाज़ से म्यूचुअल फ़ंड बेहतर विकल्प हैं. हक़ीक़त में, हर कोई अपने लिए बेस्ट म्यूचुअल फ़ंड ही चुनना चाहता है. इस मामले में धनक ( dhanak.com ) आपकी मुश्किल आसान कर सकता है. इसमें निवेश के लिए सबसे अच्छे लगने वाले फ़ंड को फ़ाइव स्टार रेटिंग दी जाती है. इस तरह से हम 1 स्टार से 5 स्टार तक की रेटिंग देते हैं. और, जिन फ़ंड्स को निवेश के लायक़ नहीं मानते है, उन्हें कोई रेटिंग नहीं दी जाती. हमारे इस फ़ीचर को इस्तेमाल करिए और निवेश के ज़रिए खुद को आर्थिक तौर पर सफ़ल बनाएं. स्टॉक चुनने का तरीक़ा विस्तार से जानने के लिए यहां क्लिक करें.
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ये लेख पहली बार जून 26, 2024 को पब्लिश हुआ.