इन्वेस्टमेंट कैलकुलेटर

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हमारा ऑनलाइन निवेश कैलक्यूलेटर आपको विशिष्ट कोष जमा करने के लिए आवश्यक वर्षों और महीनों की...  सटीक संख्या बता सकता है. मान लीजिए, आप 50 लाख रुपये बचाना चाहते हैं और हर महीने 10,000 रुपये निवेश करने की योजना बना रहे हैं. निवेशक कैलकुलेटर आपको अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए आवश्यक समय का उल्लेख करेगा.
यह दीर्घकालिक निवेश कैलकुलेटर आपसे पूछता है कि आप हर महीने कितनी बचत करेंगे, आप कितना बचत करने का लक्ष्य बना रहे हैं और यदि आपके पास कोई एकमुश्त राशि है मात्रा. फिर यह उस समय की गणना करता है जिसमें आप अपने लक्ष्य को पूरा करने और वांछित राशि बचाने में सक्षम होंगे. आगे बढ़ें, और निवेश कैलकुलेटर को आजमाएं.
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हर महीने आपकी कितनी बचत होगी?

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इन्वेस्टमेंट कैलकुलेटर क्या है?

ज़्यादातर लोग अपनी इंकम को निवेश के ज़रिए बढ़ाना पसंद करते हैं. हालांकि, इसे कैलकुलेट करना आसान नहीं है कि हर महीने एक तय रक़म इन्वेस्ट करके आप जिस धनराशि को बचाने के लिए गोल सेट करते हैं, उसे जमा करने में आपको कितना समय लगेगा. इस के लिए काम आता है इन्वेस्टमेंट कैलकुलेटर. इन्वेस्टमेंट कैलकुलेटर का इस्तेमाल करते समय कुछ बुनियादी बातें शेयर करने की ज़रूरत होती है, जैसे आपके शुरुआती निवेश की राशि क्या है, हर महीने कितनी बचत करने के बारे में सोच रहे हैं और आपके पास मौजूद एकमुश्त रक़म कितनी है. इसके बाद, कैलकुलेटर आपको बताता है कि आपकी सोची हुई धनराशि जमा करने में आपको कितना समय लगेगा.

ये धनक इन्वेस्टमेंट कैलकुलेटर क्या है?

धनक में, हम एक ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट कैलकुलेटर पेश करते हैं, जो आपको धन जमा करने के लिए आवश्यक महीनों या वर्षों की जानकारी दे सकता है. उदाहरण के तौर पर, अगर आप ₹1 करोड़ बचाना चाहते हैं और हर महीने ₹10,000 निवेश करने का प्लान बना रहे हैं, तो हमारा इन्वेस्टमेंट कैलकुलेटर आपको बताएगा कि आपको अपना लक्ष्य हासिल करने में कितना समय लगेगा. हमारे लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट कैलकुलेटर का इस्तेमाल करते समय, आपको बस कुछ बेसिक डिटेल देने होंगे, जैसे आपकी मंथली बचत, आपकी तय की हुई बचत की रक़म (targeted corpus) और अगर आपके पास एकमुश्त रक़म है तो आप बता सकते हैं. फिर,ये कैलकुलेटर आपकी तय की हुई रक़म (desired corpus) को पाने के लिए ज़रूरी समय को कैलकुलेट करता है.

धनक के निवेश कैलकुलेटर का इस्तेमाल कैसे करें?

धनक का निवेश कैलकुलेटर इस्तेमाल करना बहुत आसान है. यहां आपकी सुविधा के लिए कुछ स्टेप-बाइ-स्टेप गाइड दी गई है.

  1. हमारे इन्वेस्टमेंट कैलकुलेटर तक पहुंचने के लिए, यहां जाएं https://dhanak.valueresearchonline.com
  2. इसके बाद “और देखें” में क्लिक करें, फ़िर “टूल” में जाएं investmetent calculator navbar
  3. 'कैलकुलेटर' टैब के नीचे 'इन्वेस्टमेंट कैलकुलेटर' बटन पर क्लिक करें. tools and calculator
  4. 'इन्वेस्टमेंट कैलकुलेटर' पेज पर, आपको सभी ज़रूरी डिटेल भरने होंगे. investmetent calculator
  5. जब आप अपने सारे डीटेल जमा कर देते हैं, तो 'सेविंग कैलकुलेट करें' टैब पर क्लिक करें. हमारे इन्वेस्टमेंट कैलकुलेटर का इस्तेमाल करना काफ़ी आसान है. investmetent calculator graph

धनक इन्वेस्टमेंट कैलकुलेटर का इस्तेमाल करने के फ़ायदे क्या हैं?

  • आप अपने लिए बेहतर निवेश प्लान बनाते हैं: अगर आप एक तय राशि का निवेश करके एक ख़ास राशि जमा (accumulate a corpus) करने का प्लान बना रहे हैं, तो आप धनक के इन्वेस्टमेंट कैलकुलेटर का इस्तेमाल करके ये जान जाएंगे कि आपका सोचा हुआ पैसा जमा करने में कितना समय लगेगा. हमारा इन्वेस्टमेंट कैलकुलेटर आपको अपने इन्वेस्टमेंट से जुड़ी बेहतरीन प्लानिंग करने में और आपके निवेश के लक्ष्य को जानने और समझने में मदद करेगा.

  • सरल और इस्तेमाल में आसान: हमारा ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट कैलकुलेटर उपयोग में काफ़ी आसान और सरल है. सबसे ज़रूरी बात ये है कि आप अपने कई डेटा प्वाइंट तब तक डाल सकते हैं जब तक की आप अपने फ़ाइनेंशियल गोल के मुताबिक़ कैलकुलेट किए जा रही रक़म से संतुष्ट नहीं हो जाते.

  • समय बचाता है: अपने-आप फ़ाइनेंशियल कैलकुलेशन करना काफ़ी समय लेने वाला है. हमारा इन्वेस्टमेंट कैलकुलेटर इन सभी कैलकुलेशन के लिए ज़रूरी समय और कैलकुलेशन से जुड़ी मेहनत कम करने में मदद करता है.

  • ये फ़्री है: धनक का इन्वेस्टमेंट कैलकुलेटर फ़्री है. आप हमारे इन्वेस्टमेंट कैलकुलेटर का इस्तेमाल बिना किसी भुगतान के जितनी बार चाहें, उतनी बार कर सकते हैं.

निवेश के बारे में ज़्यादा जानिए - अक्सर पूछे जाने वाले सवाल FAQ’s

इन्वेस्टमेंट, के साथ, आप अपना पैसा ज़्यादातर ऐसी जगह रख सकते हैं जहां ये आपके काम आ सके. दूसरे शब्दों में कहें तो, अगर आप अपनी आमदनी से कुछ पैसे बचाते हैं और वित्तीय साधनों के ज़रिए आने वाले समय में आमदनी या बढ़ी हुई वैल्यू पैदा करते हैं, तो इसे निवेश या इन्वेस्टमेंट कहा जाएगा. जब बात वित्तीय साधनों की हो, तो कई विकल्प उपलब्ध हैं. अगर आप एक रूढ़िवादी (conservative) निवेशक हैं, तो आप एक फ़िक्स्ड इनकम वाला वित्तीय साधन अपना सकते हैं. ऐसे साधन की मदद से आपकी मूल रक़म सुरक्षित रहेगी और आपको इस रक़म पर अच्छा ब्याज भी मिलेगा. बहरहाल, अगर आप एक अग्रेसिव इन्वेस्टर हैं और कुछ थोड़ा रिस्क लेने के लिए तैयार हैं, तो आप इक्विटी निवेश का रास्ता अपना सकते हैं जिसमें आपको शानदार रिटर्न मिल सकते हैं.

निवेश कितनी तरह के होते हैं?

  • बॉन्ड: ये एक प्रकार से तय इंकम का साधन है, बॉन्ड कंपनियों के साथ-साथ सरकार के द्वारा ख़ास उद्देश्यों के लिए पैसे जुटाने के लिए जारी किए जाते हैं. तीन तरह के बॉन्ड मौजूद हैं. और ये हैं: ट्रेज़री बॉन्ड, नगरपालिका बॉन्ड और कॉर्पोरेट बॉन्ड.

  • रियल एस्टेट: रियल एस्टेट में निवेश करना रिटर्न पैदा करने का एक और ख़ास तरीक़ा है. आप रहने के लिए घर ख़रीद सकते हैं या फिर उस जगह से किराया ले सकते हैं. आप ज़मीन का एक टुकड़ा भी ख़रीद सकते हैं.

  • बैंकों में फ़िक्स्ड डिपॉज़िट: अगरआप में रिस्क लेने की क्षमता कम है, तो आप किसी बैंक में fixed deposit (FD) में इन्वेस्ट कर सकते हैं. ये एक अच्छा इन्वेस्टमेंट ऑप्शन है, ख़ासतौर से उन लोगों के लइए जो कम रिस्क लेना चाहते हैं.

  • कमोडिटी: कमोडिटी जैसे कि सिल्वर और गोल्ड के साथ-साथ कोई भी दूसरी क़ीमती धातु हो सकती है. अगर आप अपना पैसा गोल्ड में इन्वेस्ट करते हैं तो इस दौरान अलग-अलग आर्थिक ज़रूरत के समय इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.

  • पब्लिक प्रॉविडेंट फ़ंड: पब्लिक प्रॉविडेंट फ़ंड (PPF) एक अच्छा निवेश विकल्प है. इस निवेश साधन से आप इनकम टैक्स ऐक्ट के सेक्शन 80C के तहत टैक्स में छूट का फ़ायदा ले सकते हैं. इसके अलावा, आप इससे मिलने वाले ब्याज और मैच्योरिटी पर टैक्स छूट का लाभ भी उठा सकते हैं.

  • नेशनल पेंशन स्कीम: अगर आप अपने जीवन के सुनहरे साल आराम से बिताना चाहते हैंं तो नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) निवेश का अच्छा विकल्प है.

  • डेट म्यूचुअल फ़ंड: ये ओपन एंडेड म्यूचुअल फ़ंड, इक्विटी म्यूचुअल फ़ंड की तुलना में कम उतार-चढ़ाव के लिए जाने जाते हैं. इन फ़ंड्स से आप स्थिर रिटर्न की उम्मीद कर सकते हैं.

  • फ़िक्स्ड मैच्योरिटी प्लान: अगर आप कम रिस्क लेने वालों में से हैं, तो आप फ़िक्स्ड डिपॉज़िट (FD) में निवेश कर सकते हैं. ये कम रिस्क लेने वाले लोगों के लिए एक विकल्प है.

  • इक्विटी-ओरिएंटेड म्यूचुअल फ़ंड स्कीम: जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है, ये स्कीम अपने कॉर्पस का कम से कम 65 प्रतिशत इक्विटी में निवेश करती हैं.

  • स्टॉक्स: इन्स्टिट्यूशन और व्यक्तिगत निवेशकों के लिए स्टॉक में इन्वेस्ट करना काफ़ी पॉपुलर है. स्टॉक्स में इन्वेस्ट करने से आपको कंपनी की ओनरशिप का एक प्रतिशत मिलेगा, और कंपनी अपना मुनाफ़ा आपके साथ शेयर भी करेगी.

इन्वेस्टमेंट से जुड़े रिस्क और रिटर्न क्या हैं?

जब इन्वेस्टमेंट की बात आती है, तो रिस्क और रिटर्न दोनों अपने आप में एक महत्वपूर्ण पहलू हैं जिन पर आपको एक इन्वेस्टर के तौर से ग़ौर करना चाहिए. याद रखें, आप रिटायरमेंट के जितना क़रीब होंगे, एक इन्वेस्टर के रूप में आप उतने ही कमज़ोर होंगे. जैसा कि अक्सर फ़ाइनेंशियल एडवाइज़र सुझाते हैं कि रिटायरमेंट के क़रीब जाने पर, आपको अपना रिस्क कम करने के लिए अपने कॉर्पस के कुछ हिस्से को इक्विटी से निकाल कर डेट निवेशों में रख लेना चाहिए और लॉन्ग-टर्म (5 प्लस साल) के पैसों को इक्विटी में बढ़ने के लिए छोड़ देना चाहिए. इससे आपका रिस्क और रिटर्न दोनों में बैलेंस बना रहता है.

निवेश की दुनिया में, रिस्क और रिटर्न के बीच एक ख़ास तालमेल होता है. यानी, अगर रिस्क ज़्यादा है, तो रिटर्न की संभावना भी ज़्यादा हो जाती है. लेकिन निवेश का कोई भी सुरक्षित तरीक़ा महंगाई को मात देने में शायद ही सक्षम होता है. फिर भी, आपको अपना निवेश चुनते समय अपनी उम्र और रिस्क लेने की क्षमता के आधार पर फ़ैसला लेना चाहिए.

अपनी रिस्क लेने की क्षमता कैसे तय करें आप?

रिस्क उठाने की क्षमता से पता चलता है कि एक निवेशक अपने पैसे के कम होने या मन मुताबिक़ रिटर्न न मिलने के लिए कितना तैयार है. चूंकि तरह-तरह के इन्वेस्टमेंट प्रॉडक्ट कई रिस्क और रिटर्न प्रोफ़ाइल के साथ आते हैं, इसीलिए आपको निवेश करने से पहले अपनी रिस्क उठाने की क्षमता को समझना चाहिए. नीचे दीए गए कुछ प्वाइंट आपकी रिस्क उठाने की क्षमता कैलकुलट करने में आपकी मदद करेंगे.

  • आपका फ़ाइनेंशियल गोल: अपने फ़ाइनेंशियल गोल के आधार पर रिस्क उठाने की क्षमता का आकलन करें. उदाहरण के तौर पर, अगर आप किसी ऐसी चीज़ के लिए निवेश कर रहे हैं जो अगर आपके और आपके परिवार के लिए बहुत ज़रूरी है, तो ज़ाहिर है आपके रिस्क उठाने की क्षमता कम होगी.

  • आपके इनवेस्टमेंट का नज़रिया: अगर आप लॉन्ग-टर्म के लिए निवेश कर रहे हैं तो आपको सामान्य जोख़िम उठाने की क्षमता होनी चाहिए. क्योंकि आपके निवेश का दायरा लंबा है,तो आपके लिए कैलकुलेटेड रिस्क उठाना संभव है.

  • उम्र: जब रिस्क उठाने की क्षमता की बात आती है तो उम्र बहुत मायने रखती है. 20 से 30 साल की उम्र के लोग उन लोगों की तुलना में ज़्यादा रिस्क लेने में सक्षम हैं जो कि रिटायरमेंट के क़रीब हैं.

  • मार्केट के उतार-चढ़ाव पर आपकी राय: आप मार्केट की गतिविधियों पर अपनी प्रतिक्रिया को कैलकुलेट करके अपनी रिस्क उठाने की क्षमता पर विचार कर सकते हैं. अगर आप इक्विटी बाज़ार बहुत ज़्यादा अस्थिर होने पर उसे ठीक तरह से संभाल लेने में सक्षम हैं, तो ज़ाहिर है आपकी रिस्क उठाने की क्षमता ज़्यादा होगी.

धनक द्वारा पेश किए गए दूसरे कैलकुलेटर क्या हैं?

  • इनवेस्टमेंट कैलकुलेटर: धनक के इन्वेस्टमेंट कैलकुलेटर से, आप ये समझ और जान सकते हैं कि आपको लगभग अपने फ़ाइनेंशियल गोल तक पहुंचने के लिए कितने समय तक की बचत करनी चाहिए.

  • गोल कैलकुलेटर: हमारे ऑनलाइन गोल कैलकुलेटर से, आप अनुमान लगा सकेंगे कि अपने गोल को पूरा करने के लिए आपको हर महीने कितनी बचत करनी चाहिए. इसके लिए आपको वो रक़म भरनी है जो आप जोड़ना चाहते हैं, अगर आपके पास इकट्ठा एकमुश्त रक़म है तो उसे, और हर महीने निवेश किए जाने वाले पैसे को भरना होगा.

  • टैक्स कैलकुलेटर: धनक के ऑनलाइन टैक्स कैलकुलेटर से, आप से पुरानी और नई टैक्स रिज़ीम के तहत अपने टैक्स की कुल देनदारी का पता लगा सकते हैं. ये इस्तेमाल में बेहद आसान है.

  • SIP कैलकुलेटर: धनक का SIP रिटर्न कैलकुलेटर आपको ये पता लाने में मदद करेगा कि एक तय समय में आपका SIP निवेश कितना हो सकता है. आप सभी तरह के म्यूचुअल फ़ंड प्लान के लिए हमारे SIP म्यूचुअल फ़ंड रिटर्न कैलकुलेटर का इस्तेमाल कर सकते हैं.

  • म्यूचुअल फ़ंड कैलकुलेटर: हमारे म्यूचुअल फ़ंड कैलकुलेटर से, आप ये अनुमान लगा सकते हैं कि तय समय में आपकी पसंद के किसी ख़ास म्यूचुअल फ़ंड में आपका मासिक निवेश कितना बढ़ सकता है.

निवेश कैलकुलेटर से जुड़ी शब्दावली

  • इनवेस्टमेंट गोल: ये उन लक्ष्यों और उद्देश्यों की बात है जिसके लिए आप म्यूचुअल फ़ंड, स्टॉक और बॉन्ड साथ-साथ कई तरह के निवेशों में पैसे लगाते हैं.

  • प्रिंसिपल अमाउंट: इसे शुरुआती निवेश की रक़म भी कहते है. ये उस पैसो की बात है जिसे आप अपने निवेश के शुरुआती चरण में निवेश करते हैं.

  • अक्यूमलेटिव ईयर्स: इसे आपके निवेश की मियाद के रूप में भी जाना जाता है, ये वो साल हैं जब आप अपने निवेश में रक़म जमा कर रहे होते हैं इस्तेमाल नहीं.

  • कॉन्ट्रीब्यूशन फ़्रीक्वेंसी: Iकिसी ख़ास अवधि में आप कितनी बार निवेश करते हैं वह कॉन्ट्रीब्यूशन फ़्रीक्वेंसी कहलाती है. जैसे कि अगर आप अपनी SIP की क़िश्त हर महीने देते हैं तो ये मासिक कॉन्ट्रीब्यूशन फ़्रीक्वेंसी हुई.

  • एडिशनल कॉन्ट्रीब्यूशन: निवेश में अतिरिक्त योगदान को इस तरह भी समझ सकते हैं कि अगर आप कोई मासिक निवेश कर रहे हैं और उसके अतिरिक्त आपके पास अगर साल में एक बार कोई एकमुश्त रक़म आती है तो उसे भी आप निवेश कर दें. ये एडिशनल कॉन्ट्रीब्यूशन हुआ. आप बिना किसी एडिशनल कॉनट्रीब्यूशन के निवेश करना जारी रख सकते हैं.

  • रेट ऑफ़ रिटर्न: ये अपने निवेश से मुनाफ़ा पाने की आपकी उम्मीद की बात है. रिटर्न की दर को कैलुलेट करने के लिए आपको निवेश के वर्तमान वैल्यू से अपने मूल निवेश की वैल्यू को घटाना होगा, इसके अंतर को मूल निवेश से विभाजित करें, फिर 100 से गुणा करने पर आपको रेट ऑफ़ रिटर्न पता चलता है.

  • स्टॉक कैलकुलेटर: इसे शेयर एवरेज कैलकुलेटर के तौर में भी जाना जाता है. स्टॉक कैलकुलेटर आपके पोर्टफ़ोलियो में मौजूद हर स्टॉक, की प्रति शेयर ऐवरेज कॉस्ट कैलकुलेट करने में मदद करता है. स्टॉक कैलकुलेटर से आप समझ सकते हैं कि आपको किसी ख़ास स्टॉक में औसतन ऊपर या नीचे जाने के लिए कितने शेयरों की ज़रूरत है.

  • इंडेक्स फ़ंड कैलकुलेटर: अगर आप किसी इंडेक्स फ़ंड में निवेश करते हैं, तो आप अपने निवेश पर रिटर्न का अनुमान लगाने के लिए इस ऑनलाइन टूल का ऑप्शन चुन सकते हैं. इस कैलकुलेटर का लाभ उठाते हुए, आप तरह-तरह की SIP प्लान की तुलना भी कर सकते हैं. ये आपके SIP इन्वेस्टमेंट को स्मार्ट बनाने में आपकी काफ़ी मदद करेगा.

निवेश कैलकुलेटर: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल FAQ’s

नीचे दी गई गाइडलाइन आपको समझदारी के साथ निवेश संबंधी फ़ैसला लेने में मदद करेंगे:

  • अपने गोल तय करें.
  • आपने जो निवेश ज़रिया चुना है, उसमें शामिल जोख़िमों को स्पष्ट रूप से समझें.
  • अपने निवेश के टैक्स संबंधी आशय को बेहतर ढंग से समझें.
  • निवेश से जुड़ा कोई भी फ़ैसला जल्दबाज़ी में न लें.
  • उतनी ही रक़म निवेश करें जितना आप अफ़ोर्ड कर सकते हैं.
  • अपने रिटर्न को ज़्यादा करने के लिए कई तरह के प्रोडक्ट्स पर अपने निवेश में विविधता लाएं.

इससे पहले कि आप अपनी निवेश यात्रा के बारे में सोचना शुरू करें, आप पहले अपनी वर्तमान की फाइनेंशियल स्थिति और निवेश के लिए हर महीने कितनी रकम बचा सकते हैं, ये समझ लें. ज़ाहिर तौर पर आप जितनी ज़्यादा बचत कर पाएंगे, भविष्य के लिए उतना ही बेहतर रहेगा. इसलिए, आपको अपनी भविष्य की उम्मीदों और वर्तमान जीवनशैली के बीच बैलन्स बनाने की ज़रूरत है.

आप ये कैलकुलेशन करने के लिए फ़ाइनेंशियल टूल का इस्तेमाल कर सकते हैं कि आप हर महीने कितना इन्वेस्ट कर सकते हैं. साथ ही, अपनी निवेश यात्रा शुरू करने से पहले कुछ ज़रूरी मामलों पर विचार करें.

  • आपका हर महीने का घरेलू खर्च
  • लोन का रीपेमेंट
  • टैक्स
  • इमरजेंसी फ़ंड
  • परिवार से जुड़ी और दूसरी ज़रूरतें

फ़िक्स्ड डिपॉज़िट या इक्विटी रूट जैसे फ़िक्स्ड-इंकम रूट का पालन करके आप अपनी निवेश यात्रा शुरू कर सकते हैं. अगर आप इक्विटी की दुनिया में अपनी निवेश यात्रा शुरू करना चाहते हैं, तो म्यूचुअल फ़ंड से शुरुआत करें. हालांकि, शॉर्ट टर्म में इक्विटी में रिस्क हो सकता है. लेकिन अगर आप लॉन्ग-टर्म में अपना पैसा बढ़ाना चाहते हैं तो यह सबसे बेहतरीन रास्ता है. म्यूचुअल फ़ंड में आप कम से कम 500 रुपये से निवेश शुरू कर सकते हैं. इसका मतलब है कि म्यूचुअल फ़ंड में निवेश शुरू करने के लिए आपको ज़्यादा बचत करने की ज़रूरत नहीं है.

कई तरीक़ों से म्यूचुअल फ़ंड में निवेश कर सकते हैं. नीचे बताए गए प्रकार पर ध्यान दें:

  • आप AMC ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल करके म्यूचुअल फ़ंड में निवेश कर सकते हैं. सबसे पहले, इसके पोर्टल पर एक खाता बनाएं और अपना प्रोफ़ाइल पूरा करने के लिए गाइडलाइन फ़ॉलो करें
  • आप म्यूचुअल फ़ंड में निवेश करने के लिए डिस्ट्रीब्यूशन सर्विस वाला ऑप्शन चुन सकते हैं. फिर भी, ये ध्यान रखें कि इस जगह में, एक्सपेन्स रेशियो ज़्यादा होगा और इसलिए, आपका रिटर्न कम रहेगा.
  • रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट ऐडवाइज़र (RIA) और रजिस्ट्रार एंड ट्रांसफ़र एजेंट (RTA) भी म्यूचुअल फ़ंड में निवेश करने में आपकी मदद करते हैं.

धनक में, हम म्यूचुअल फ़ंड मॉनिटर टूल प्रदान करते हैं. ये टूल आपको पिछले एक साल में इक्विटी फ़ंड के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने में मदद करेगा. टूल का इस्तेमाल करके, आपको सभी अवधियों में डेट, इक्विटी, कमोडिटी और हाइब्रिड के साथ में हर फ़ंड कैटेगरी का रिटर्न मिलेगा.

भारत के स्टॉक मार्केट में सीधे तौर पर निवेश करने के लिए, आपको सबसे पहले एक डीमैट अकाउंट खोलना होगा और उसे अपने बैंक अकाउंट से लिंक करना होगा. यह सुचारू लेनदेन सुनिश्चित करेगा. एक बार जब आपका डीमैट अकाउंट बन जाए, तो अपने अकाउंट में लॉग इन करें और फिर, उस स्टॉक को चुनें जिसमें आप निवेश करना चाहते हैं.

निवेश और बचत के बीच अंतर होता है. बचत के मामले में, सभी ख़र्चों को कवर करने के बाद पैसा अलग रखा जाता है. वहीं दूसरी ओर, निवेश का मतलब भविष्य में अच्छे रिटर्न या मुनाफ़े की आशा से तरह-तरह वित्तीय साधनों में पैसों का इस्तेमाल करना है. जहां बचत आपको मुश्किल दिनों के लिए तैयार रहने में मदद करती है, वहीं निवेश पैसा बनाने और पूंजी बढ़ाने में मदद करता है.

गोल्ड और फ़िक्स्ड डिपॉज़िट (FD) में निवेश करना एक सुरक्षित निवेश का विकल्प माना जाता है क्योंकि इसमें रिस्क कम होता है. हालांकि अस्थिर वित्तीय स्थिति से गोल्ड के प्रभावित होने की संभावना नहीं है, लेकिन FD गारंटी वाला रिटर्न देती है. और जब स्टॉक की बात आती है, तो इसका मतलब है कि आप सीधे इक्विटी में निवेश कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर, अगर आप म्यूचुअल फ़ंड का रास्ता चुनते हैं, तो आपका फ़ंड मैनेजर आपकी ओर से इक्विटी या डेट फ़ंड में निवेश करता है.

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